Monday, May 3, 2021

219 जनम के काछी

 

बड़े गांव में लगने वाले साप्ताहिक बाजार के दिन स्थानीय सम्पन्न ठाकुर परिवार का 12-13 साल का बच्चा बाजार के बीच बने चबूतरे पर बैठा था। बाजार में दूकानें सजती जा रही थीं और आस पास के गांवों के लोग आते जा रहे थे। पास के ही एक गांव से आए ठाकुर परिवार के 18-20 साल के एक युवक ने चबूतरे पर बैठे उस स्थानीय सम्पन्न परिवार के बच्चे से थोड़ा खिसकने को कहा ताकि वह भी वहाॅं बैठ सके। उस बच्चे ने उसे सुना अनसुना कर दिया। युवक ने बच्चे को धक्का देकर खिसका दिया और वहाॅं पर बैठ गया। बच्चे को भरे बाजार में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा धक्का देना, इंसल्टिंग लगा। उसने रोते हुए घर जाकर घटना बताई जिसे सुनते ही उसके चाचा, बड़े भाई, और अन्य पड़ौसी मित्र युवक, कोई डंडा, कोई लाठी, कोई चाकू लेकर बाजार की ओर दौड़े। गांव के अन्य लोग समझ गए कि कोई लड़ाई जरूर होगी। वे भी दृश्य देखने साथ साथ दौड़े और सबने चबूतरे पर बैठे उस युवक को घेर लिया। अचानक हुई भगदड़ और हल्ला सुनकर पास के खेत में बने कुए पर नहा रहा काछी पटैल का लड़का गीला अंगोछा पहने बालों और शरीर पर मिट्टी लपेटे उस भीड़ में जा पहॅुंचा। उधर सम्पन्न परिवार के युवकों और धक्का देने वाले युवक के बीच तू तू मैं मैं हो रही थी। पटैल का लड़का भीड़ से निकलता हुआ झगड़ रहे युवकों के पास आ गया। वहीं पर खड़े स्कूल के शिक्षक ने आश्चर्य से उसे देखकर हंसते हुए पूछा,

‘‘ काय रे! जो काय?’’

इसे सुनकर, भीड़ में झगड़ रहे युवकों के साथ साथ अन्य लोगों का ध्यान भी उसी ओर आकर्षित हुआ। पटैल का लड़का बोला,

‘‘ कछू नईं सपर रय ते, भीड़ में हल्ला सुनकें सोची, पता करें काय हो गव।’’

‘‘ अरे! सो माटी पोत कें...?’’

‘‘ गुरुजी! हम आंय काछी पटैल। हमें माटी में खेलने कूदने, माटी में रैने, माटी में काम करने, और बाद में माटी में मिल जाने; सो बताव एमें का गल्ती है?’’

‘‘ हाॅं, तेंनें सोई जा नोनी बताई’’ गुरुजी बुदबुदाए।

यह सुनकर भीड़ सहित झगड़ा कर रहे युवक भी हंसने लगे, उनका गुस्सा शान्त हो गया।


( बुंदेली शब्द,  काय रे! जो काय?- क्यों भाई! ये क्या शकल बना रखी है? सपर रय ते- नहा रहे थे। काय हो गव- क्या हो गया। आंय काछी- हैं जन्म के सब्जी भाजी पैदा करने वाले काछी। रैने- रहना होता है। एमें- इसमें। सोई- भी। जा- यह बात। नोनी- अच्छी। )


221 चिंजा की शादी

5 वीं क्लास में पढ़ रहीं स्वभाव से सीधी सादी सहुद्रा और भोली सी चिंजा में गहरी दोस्ती थी। चिंजा की स्पष्टवादिता से क्लास के सभी लड़के लड़किय...