बिजली के बिल की राशि जमा करने आईं तीन लड़कियाॅं हाथों में दो दो, तीन तीन बिल लिये, लम्बी लाइन में न लग कर सीधे ही आगे वाले व्यक्ति के बगल में खड़ी हो गई ताकि उसकी राशी जमा हो जाने के बाद उन तीनों का बिल भरा जा सके। ज्योंही आगे वाले व्यक्ति के बिल का भुगतान हो चुका, एक लड़की ने अपने तीन बिल भुगतान करने के लिये अपना हाथ खिड़की के अंदर कर दिया। जिस व्यक्ति का क्रम था उसने आपत्ति की, कि हम लोग एक घंटे से लाइन में लगे हैं और आप अभी अभी आईं हैं, आप भी लाइन में लगकर बिल भरें जैसा अन्य लोग कर रहे हैं......।
वे लड़कियाॅं जो आजकल की वेषभूषा में गमछे से आतंकियों की तरह मुंह ढाॅंके थी एकदम बोलीं, अरे! महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है, यह क्या आपको मालूम नही है? लाइन में लगे अन्य लोग बोले, आप लोग महिलायें तो किसी प्रकार नहीं लगतीं , हाॅं आतंकियों की तरह जरूर....? इस पर वे बोलीं क्या बदतमीजी है? काउंटर क्लर्क भी बोला , ठीक तो है लाइन में क्यों नहीं लगतीं?.....
बहस बढ़ते देख ड्युटी पर तैनात एक महिला कान्सटेबिल आई और वस्तुस्थिति की जानकारी ली।
वह लड़कियों से बोली, " तुम लोग, बिजली का बिल जमा करने के लिये लाइन में लगना न पड़े इसलिये महिला कहलाना चाहती हो, अन्य कामों में कहती हो हम पुरुषों से कम नहीं ? जब महिलायें अन्तरिक्ष में जा सकती हैं, एवरेस्ट पर चढ़ सकती हैं, सीमा पर लड़ सकती हैं तो लाइन में लग कर बिजली का बिल जमा करने में क्यों डरती हैं?."..
इसके बाद...! ...! ...!
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