Sunday, May 24, 2020

22 आठ आना का न्याय


 दीना और राजू शहर से जरूरी चीजें खरीदने जाने लगे तो दीना की माॅं ने पाॅंच लड्डू और राजू की माॅं ने तीन लड्डू साथ में रख दिये और कहा कि रास्ते के बीच में नदी पर नाश्ता  कर लेना।
नदी पर दोनों नाश्ता  करने बैठे ही थे कि सामने से राजू के चाचा आते दिखे, दोनों ने उन्हें नाश्ता  के लिये पास बुला लिया, तीनों ने बिलकुल बराबर बराबर नाश्ता  किया और जब चलने लगे तो राजू के चाचा ने आठ आना दिये और कहा कि तुम दोनों बाॅंट लेना ।
थोड़ी दूर आगे बढ़े ही थे कि राजू ने दीना को चार आना दे दिये। दीना बोला एक आना और दो , हमारे पाॅंच आना और तुम्हारे तीन आना हुए लड्डुओं की संख्या के अनुसार। राजू ने कहा चाचा ने तो बराबर बाॅंटने को कहा था। पर दीना नहीं माना और एक आना और लेने के लिये झगड़ पड़ा।
जब झगड़े से बात नहीं बनी तो दोनों इस बात पर सहमत हुए कि गुरुजी के पास चलते हैं वे जो फैसला करेंगे वह मान लेंगे। लौट कर दोनों गुरुजी के पास पहुंचे , अपनी समस्या बतायी।

गुरुजी ने दीना को सात आना और राजू को एक आना दिया और कहा अब आगे नहीं झगड़ना।
गुरुजी का न्याय ........?

No comments:

Post a Comment

221 चिंजा की शादी

5 वीं क्लास में पढ़ रहीं स्वभाव से सीधी सादी सहुद्रा और भोली सी चिंजा में गहरी दोस्ती थी। चिंजा की स्पष्टवादिता से क्लास के सभी लड़के लड़किय...