Wednesday, September 16, 2020

123 विचित्र धंधा

कुछ देशों के लोगों में स्वयं को दूसरों से अलग कर केवल अपने पालतू जानवरों, कुत्ता, बिल्ली आदि को ही अपनी जान से ज्यादा प्रेम करने की अजीब प्रकार की हठधर्मिता काम कर रही है। उनका मानना है कि वे अपने धर्मप्रवर्तकों की आस्तिकता की शिक्षा विरासत में सम्हाले उनका पालन कर रहे हैं । उनके अनुसार ‘रेप्चर प्रोग्राम’ के दिन वह आकर सभी आस्तिकों को अपने साथ आकाशीय स्वर्ग में ले जायेंगे और नास्तिकों को यहीं धरती पर कष्ट भोगने के लिये छोड़ जायेंगे। इस कारण वे नास्तिकों की तुलना में कुत्ते और बिल्लियों को अपनी जान से भी अधिक प्यार करते हैं। एक दिन नास्तिकों के एक समूह ने इन आस्तिकों के पास आकर  कहा.

 ‘‘ हमें अपना मित्र बना लो, हम लोग भी आपके काम आ सकते हैं’’

‘‘ नहीं , हम नास्तिकों के साथ कदापि मित्रता नहीं करेंगे, यह हमारे धर्मगुरु का निर्देश है’’

‘‘ उन्हीं निर्देर्शों के कारण तो यह सलाह दे रहे हैं’’

‘‘ किस प्रकार ?’’

‘‘ अरे ! रेप्चर प्रोग्राम के समय जब तुम सभी लोग आकाशीय यात्रा करते स्वर्ग चले जाओगे तो तुम्हारे इन पालतू जानवरों की देखरेख इस धरती पर कौन करेगा? वे तड़प तड़प कर मर नहीं जायेंगे?’’

‘‘ हाॅं ! ये बात तो सही है’’

‘‘ इसीलिये तो हम कह रहे हैं, कि तुम लोगों के जाने के बाद दस दस साल तक अपने अपने पालतू जानवरों की देखरेख करने के लिये एडवाॅंस में दस दस हजार डालर हमारे पास जमा कर दो और रसीद लेकर उनकी सीट रिजर्व करा लो। ’’

‘‘ लेकिन तुम्हें ही क्यों दें यह राशि ?’’

‘‘ इसलिये कि हम तो नास्तिक हैं, इसी धरती पर कष्ट भोगने के लिये छोड़ दिये जायेंगे इसलिये निश्चय ही हम उनकी देखभाल करते रहेंगे ।’’


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