Wednesday, September 2, 2020

65 विद्यार्थी

 65 विद्यार्थी

- मे आइ कम इन सर! ... एक प्राइवेट संस्था के प्राचार्य कक्ष में प्रवेश करते समय लड़के ने पूछा।

- नो, अभी नहीं, बाहर बैठो, थोड़ी देर में आ सकते हो।

- अरे सर!! मुझे अपने भाई का मोबाइल चाहिये है वह दे दो , और कोई काम नहीं है...

- कहा न!  अभी गेस्ट बैठे हैं, थोड़ी देर बाद मिलना।

- सीधी तरह देते हो या नहीं ? हमें दूसरे उपाय भी आते हैं? ?

प्राचार्य मुस्कुराये, पूछा, तुम किस स्कूल में , किस कक्षा में पढ़ते हो? अपने से बड़ों के साथ किस प्रकार बात की जाती है? क्या वहाॅं यही सिखाया गया है?

लड़का झुका और प्राचार्य के पैर छूकर कहने लगा, सरकारी स्कूल की कक्षा नवमी में पढ़ता हॅूं, सर! क्षमा कर दो, इस स्कूल की छठवीं कक्षा में पढ़ने वाला मेरा छोटा भाई कल कक्षा में मोबाइल लाया था जिसे आपने जब्त कर लिया है वही लेने आया हूॅं।

- मोबाइल मेरे पास सुरक्षित है अपनी माता या पिता में से कोई भी आकर उसे ले जा सकता है,उन्हें लिख कर देना होगा कि अब वह कक्षा में मोबाइल नहीं लायेगा।

- तो अब हमें दूसरे उपाय ही करना होंगे... कहते हुए लड़का बाहर चला गया।

थोड़ी देर में वह अतिथि प्राचार्य कक्ष से बाहर आये , वह लड़का उनके पास जाकर बोला सर! आप ही प्राचार्य जी से कह दीजिये कि वह मेरे भाई का मोबाइल वापस कर दें? अतिथि ने पूछा कि माता या पिता क्यों नहीं आ सकते, वह बहाने बनाने लगा, अतिथि ने कहा तुम लगातार झूठ का सहारा ले रहे हो, इसलिये तुम्हें अपने पेरेंट्स को ही लाना पड़ेगा, तुम्हें मैं कोई मदद नहीं कर सकता।

- ठीक है तो हमें अब अन्य उपाय करना ही होंगे... कहते हुए लड़का बाजू वाली गली में गुम हो गया।


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