‘‘ अरे, देखो! ये क्या सर्कस का आदमी है, अपने जीवन को खिलौैना समझता है! किस प्रकार वाहन चलाता है , जरा भी सावधान नहीं हैै’’!
‘‘नहीं सर! वह सावधानी पूर्वक असावधान रहता है’’ ।
‘‘ अच्छा! जरा उससे पूछना, क्या वह असावधानी से भी सावधान रहता है?’’
5 वीं क्लास में पढ़ रहीं स्वभाव से सीधी सादी सहुद्रा और भोली सी चिंजा में गहरी दोस्ती थी। चिंजा की स्पष्टवादिता से क्लास के सभी लड़के लड़किय...
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