91 परीक्षा
‘‘राजू! इस साल तुम्हारी बोर्ड से परीक्षा होना है, क्या तुम्हें मालूम है? इस लापरवाही से पढ़ोगे तो तुम्हें पास होने के लिये वाॅंछनीय न्यूनतम 33 परसेंट नंबर भी नहीं आ सकेंगे?‘‘
‘‘ परंतु पापा! मैं तो अब तक की सभी परीक्षायें 33 परसेंट से अधिक प्राप्तांकों से पास होता आया हॅूं?‘‘
‘‘ अरे, वे तो घर की परीक्षायें थीं, यह परीक्षा कठिन होती है, अधिक मेहनत करना होती है। कठिन मेहनत करने का अभ्यास अभी से करोगे तब तो सबसे कठिन यूपीएससी परीक्षा पास कर कलेक्टर हो पाओगे।‘‘
‘‘ इस परीक्षा में प्रवेश पाने के लिये कम से कम किस कक्षा को पास करने तक परीक्षयें देते रहना होगा‘‘
‘‘ कम से कम ग्रेजुएशन तो पास करना ही होगा‘‘
‘‘ पापा! क्या कलेक्टर से और बड़ा कोई पद नहीं होता‘‘?
‘‘ होता है, हमारे देश में तो प्रधानमंत्री का पद सबसे बड़ा और प्रभावशली होता है।‘‘
‘‘ प्रधानमंत्री पद पाने के लिये कम से कम किस परीक्षा को पास करना पड़ता है?‘‘
‘‘ इसके लिये न्यूनतम शैक्षिक योग्यता का कोई निर्धारण नहीं है। जनता के बीच जाकर बोट माॅंगकर पहले संसद सदस्य का चुनाव जीतना होता है, फिर सभी संसद सदस्य जिसे चाहें उसे अपना वोट देकर प्रधान मंत्री बनाते हैं।‘‘
‘‘ ओह! कितना आश्चर्य है, देश के सबसे बढ़े पद पर जाने के लिये न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कुछ नहीं है जबकि हम दिन रात मेहनत इसलिये करते हैं कि छोटी से छोटी परीक्षा पास करने के लिये 33 परसेंट से अधिक अंक लायें ,नौकरी पाने के लिये लगातार केवल परीक्षायें ही देते रहें फिर भी पाने की गारंटी भी नहीं?....
पापा! अच्छा तो यह होगा कि मैं पढाई छोड़कर अभी से चुनाव लड़ने के लिये बोट पाने की कला की प्रेक्टिस करना शुरु कर दूॅ इन परीक्षाओं की झंझट से तो मुक्ति मिलेगी ? ‘‘
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