Monday, October 5, 2020

204 फिंगर प्रिंट्स

 ‘‘ क्यों मिस्त्री! ये पीले रंग वाली वही बिल्डिंग है जिसे हमलोगों ने दिनरात काम करके बनाया था’’

‘‘ हाॅं, इसकी ही नहीं इस कालोनी के अनेक मकानों की ईंट ईंट पर हमारी अंगुलियों के निशान मिलेंगे। पर तुम क्यों पूछ रहे हो?’’

‘‘ कुछ नहीं, बहुत साल बाद यहाॅं आया हॅूं इसलिए भूल सा रहा रहा था। वाह! वे भी क्या दिन थे, अपनी मर्जी के बिना इसके भीतर पत्ता भी नहीं हिल सकता था।’’

‘‘ जरा अब अन्दर जाकर देखो, वाचमेन गेट के पास भी नहीं फटकने देगा।’’

‘‘ अन्दर जाने की क्या जरूरत मिस्त्री! यही क्या कम है कि इसे हमने बनाया था।’’


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