इसी वर्ष तीसरी कक्षा में अपने स्कूल की टापर अनु को आज घर के एक कोने में चुपचाप बैठे देख मैंने पूछा,
क्या बात है ‘‘अनु! आज तो बड़ी गुमसुम सी लग रही हो, क्या किसी ने कुछ कहा है?’’
वह बोली, ‘‘पापा! दादी रो रही है, बुआ अपने घर चली गई है, इसलिये।’’
मैंने कहा, ‘‘यह कौन सी नई बात है? पाॅंच दिन पहले जब बुआ आई थी तब भी दोनों को रोते हुए क्या तुमने नहीं देखा?’’
वह बोली, ‘‘हाॅं यह भी सही है, पर आज की बात कुछ और ही है.....’’
.......
No comments:
Post a Comment