‘‘अच्छा! सभी विषयों की कापियाॅं जंच गई या किसी की अभी रह गईं है?’’
‘‘ यस सर! सभी की जंच गईं हैं।’’
‘‘ बताइये ग्यारहवीं कक्षा की हिंदी का रिजल्ट कैसा है?’’
‘‘ सर! 19 छात्र प्रथम श्रेणी, 27 छात्र द्वितीय श्रेणी और 4 तृतीय श्रेणी में पास हैं और हिंदी का शतप्रतिशत रिजल्ट है।’’
‘‘ बहुत अच्छा। अंग्रेजी का रिजल्ट कैसा है?’’
‘‘ सर! 10 छात्र पास हैं, 32 को सप्लीमेंटरी क्योंकि कृपाॅंक मिलाकर भी पास नहीं हो पा रहे हैं, और 8 छात्र बिलकुल फेल हैं, कुल 20 प्रतिशत रिजल्ट है’’
‘‘ अरे भाई! विदेशी भाषा है, देख लो इन सप्लीमेंटरी वालों को, यदि कुछ गुंजायश हो तो निकाल दो, क्यों फिर से परीक्षा के चक्कर में डालते हो?’’
‘‘ लेकिन सर! उन्हांेने कुछ लिखा ही नहीं है, हम तो वैसे ही छोटी मोटी गलतियाॅं ओवरलुक कर देते हैं, हमने पूरी कोशिश कर ली सर! ‘5 अंक‘ कृपाॅंक के मिलाने पर भी नहीं निकल पा रहे हैं। ’’
‘‘ फिर भी कुछ और देख लो रिजल्ट बढ़ सकता है, समझे कि नहीं?’’ ....
हाॅं! आपकी गणित का क्या हाल है?’’
‘‘ सर! बहुत बुरा हाल है, केवल 5 छात्र पास हैं वे भी बाउंडरी से। बाकी 45 छात्र फेल हैं केवल 10 प्रतिशत रिजल्ट है’’
‘‘ अरे! यह कैसे हो सकता है? क्या आपने बिल्कुल ही नहीं पढ़ाया? केवल 5 छात्र पास हैं, लगता है आप अपने साथ मेरे भी चार इंक्रीमेंट बंद कराओगे? लाओ जरा देखें कापियों में क्या उत्तर दिये हैं उन्होंने?’’
‘‘ देखिये सर! सब कुछ गलत लिखा है, कहाॅं पर नंबर दूं?’’
‘‘ अरे! देखो यह गोला तो बना है? इस पर, ये समीकरण तो लिखा है? इस पर, और आगे भी उसने कई सवाल थोड़े थोड़े तो लिखे हैं, क्या उन पर नंबर नहीं दिये जा सकते?’’
‘‘ नहीं सर, वृत्त का प्रश्न है और उसने गोले का उत्तर लिखा है, समीकरण भी गलत लिखा है उसपर कोई अंक नहीं दिया जा सकता, आगे भी उसने केवल प्रश्नों की इबारत ही लिखी है देख लीजिये प्रश्न पत्र ये है, इस प्रकार इसे पास नहीं किया जा सकता, ये सब अगली बोर्ड की परीक्षा में पूरे स्कूल का रिजल्ट बिगाड़ेंगे।’’
‘‘ अरे भाई वो तो मैं भी जानता हॅूं, मैंने भी गणित पढ़ी और पढ़ाई है, सरकार जो चाहती है वैसा ही करो, पास कर दो सबको या फिर इन्क्रमेंट बंद होने का दंड पाओ, तुम्हारा नया नया कैरियर है, काला दाग लग जायेगा कि पढ़ाता नहीं है और मेरा रिटायरमेंट निकट है मेरी तो लुटिया ही डूब जायेगी समझे कि नहीं ? इसलिये जैसा कहा है वैसा ही करो और प्रसन्न रहो।’’
‘‘ लेकिन सर ! !’’
No comments:
Post a Comment