‘‘ देखो तो! ये क्या पहनावा है आजकल का ! ‘‘
‘‘ तुम क्या जानो! इसे कहते हैं माॅडर्न फैशन‘‘
‘‘ हः हः हः .. .. माॅडर्न फैशन! ‘‘
‘‘ अरे! इसमें हंसने की क्या बात है?‘‘
‘‘ मुझे तो लगता है कि इसके पीछे फैशन और कास्मेटिक के उद्योगपतियों की सोची समझी चाल है‘‘
‘‘कैसे?‘‘
‘‘कम लागत में अधिक कमाई करने की‘‘
‘‘क्या मतलब?‘‘
‘‘ शरीर पर कपड़ा कम होगा तो डिजाइन वाली ड्रेस बनाने में कच्चा माल कम लगेगा और ब्राॅंड तथा डिजाइन के नाम पर कीमतें अधिक मिलेंगी ‘‘
‘‘बस‘‘
‘‘ अरे! अब यह भी कोई बताने की बात है कि शरीर का अधिकांश भाग खुला रहेगा तो उसको चमकदार बनाये रखने के लिये अधिक कास्मेटिक्स का उपयोग करना पड़ेगा कि नहीं?‘‘
No comments:
Post a Comment