Tuesday, September 15, 2020

118 अकौआ के फूल

‘‘ रमेश! जा कहीं से अकौआ के फूल तोड़ ला, आज भोले नाथ की पूजा उन्हीं फूलों से करना है।’’

‘‘ नहीं रमेश! बिलकुल न जाना। अकौआ बहुत ही जहरीला होता है, उसके फूल तोड़ने पर यदि उसका दूध उचट कर आंख में चला गया तो आंखें हमेशा के लिये नष्ट हो जायेंगी, समझे!’’

‘‘ अरे! क्यों रोकते हो, वह कोई छोटा सा बच्चा है ? सम्हालकर तोड़ लायेगा’’

‘‘ लेकिन अकौआ के फूल ही क्यों? अनेक सुंदर और सुगंधित फूल भी तो प्रकृति ने पैदा किये हैं, उन्हें क्यों नहीं अर्पित कर सकती हो?’’

 तुम नहीं समझोगे, कभी कथा सुनी हैं? पंडित लोग कहते हैं कि भोलेनाथ को अकौआ के फूल पसंद हैं, जो कोई भी उन्हें यह फूल भेट  करता है उससे प्रसन्न होकर वे उसके द्वारा जाने अनजाने किये गये, सभी पाप नष्ट कर देते हैं।’’

‘‘ वाह! वाह! क्या बात कही है, भगवान को जहर देकर स्वयं अमर होने की अच्छी विधि बतायी है!’’


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