Tuesday, September 15, 2020

120 बीमारियाॅ


‘‘ पता नहीं ये नयी नयी बीमारियाॅं कहाॅं से आ जाती हैं, इससे पहले तो इनके नाम तक नहीं जानते थे ’’

‘‘ ये सब एलोपैथी का कमाल है’’

‘‘ क्या मतलब? एलोपैथिक डाक्टर होकर भी यह कह रहे हो? एलोपैथिक दवाओं से तो जल्दी आराम मिलता है?’’

‘‘ हाॅं ! जल्दी आराम मिलता है। दवा माने दबा देना या रोक देना। उससे रोग तत्काल दब तो जाता है पर जड़ से दूर नहीं होता। कुछ दिनों बाद नये रूप में अन्य रोगों को लेकर फिर आ धमकता है’’

‘‘ बात समझ के बाहर है’’

‘‘ इसके भीतर रहस्य यह है कि रोगग्रस्त स्थान पर एलोपैथिक दवा के द्वारा नेगेटिव माइक्रोवाइटा भेजे जाते हैं जो उसे और अधिक बढ़ने से रोकते तो हैं, परंतु ये वहीं इकट्ठे होकर एक निश्चित संख्या से अधिक होते ही अपना अलग प्रभाव डालने लगते हैं जो धीरे धीरे नयी बीमारी का कारण बनते हैं।’’

‘‘ जब आप यह सब जानते हैं तो एलोपैथिक इलाज क्यों करते हैं, मरीजों को सही दिशा में मार्गदर्शन क्यों नहीं करते ?‘‘

‘‘ तुम मेरे अभिन्न मित्र हो इसलिये कह रहा हॅू, रोग को तो शरीर अपने आप ही ठीक करता है परंतु मरीजों को तो जल्दी आराम चाहिये ?  वे मानते कहाॅं हैं, बाद में भले ही अधिक कष्ट भोगते रहें।’’

‘‘लेकिन मानवता भी तो कोई चीज है कि नहीं?’’

‘‘ परंतु हमें भी तो रोजी रोटी चाहिये कि नहीं?’’


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