‘‘ अरे ! इस गेट पर क्यों आ गए? क्या तुम्हारे पास व्हीआइपी टिकिट है? यह व्हीआइपी गेट है ।’’
‘‘ यह क्या होता है?’’
‘‘ इस गेट से भगवान के वही दर्शन करने जा सकते हैं जो उच्च पदों पर हैं जैसे विधायक सांसद, मंत्री, बड़े अधिकारी या वे धनी या व्यापारी लोग जिन्होंने मंदिर को कम से कम दस हजार रुपये दान में दिये हों।’’
‘‘ तो क्या भगवान ने हम गरीब लोगों को दर्शन देना बन्द कर दिया है?’’
‘‘ फ्री में दर्शन करने वालों की लाइन गेट नम्बर तीन पर लगी है वहाॅं लाइन में लग जाओ, जब नम्बर आ जायेगा तब दर्शन मिल जाएंगे ।’’
‘‘ अजीब बात है! तीन दिन से बैंक की लाइन में लगा रहा, वहाॅं नोटों के भी दर्शन नहीं हो सके, आज सोचा कि भगवान से ही प्रार्थना करता चलूॅं कि आज बेंक में नोट मिल जायें, पर हाय रे दुर्भाग्य! वे तो पहले ही बेच दिए गए !’’
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