स्थानीय प्रथम तिमाही परीक्षा के मूल्याॅंकन से असंतुष्ट बारहवीं कक्षा का छात्र विषय शिक्षक के पास जाकर बोला, ‘‘ सर! आपने इस प्रश्न के उत्तर पर मुझे शून्य अंक क्यों दिया?’’
‘‘ इसलिए कि तुम्हारे द्वारा दिया गया उत्तर बिलकुल गलत है’’
‘‘ सर! प्रश्न था, ‘ कहानी की सार्थकता पर अपनी टिप्पणी लिखें?’ मैं ने वही तो लिखा है ।’’
‘‘ परन्तु मैं ने उसका उत्तर क्या लिखवाया था ?’’
‘‘ वह तो आपका दृष्टिकोण था । ’’
‘‘ तो ठीक है, मैं ने भी उसका मूल्याॅंकन ही किया है । ’’
शिक्षक के स्पष्टीकरण से असंतुष्ट छात्र, प्राचार्य के पास अपनी समस्या लेकर पहुॅंचा। प्राचार्य ने विचारोपरान्त छात्र को पांच में से तीन अंक दे दिए। छात्र ने प्राचार्य की टीप सहित उत्तर पुस्तिका विषय शिक्षक को दिखाई।
शिक्षक क्षुब्ध, छात्र मुग्ध।
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