83 अपने आदमी
‘‘ दाउ साब ! गजब हो गया, आपके रहते इस थानेदार ने तो भूरा और हीरा को गिरफ्तार कर लिया और सभी सातों भट्टियों पर सीलबंदी कर सारा माल जब्त कर लिया है , सभी जगहों के सप्लाई आर्डर रुक गये हैं’’
‘‘ बाबू ! जरा थानेंदार से बात कराना’’
‘‘ जी भैया’’
‘‘ हेलो! थानेदार साहब! लीजिये विधायक जी बात करेंगे.. ....
भैया! थानेदार लाइन पर... ’’
‘‘ काय थानेदार साब! ओ, भूरा और हीरा खों काय परेशान कर रय हौ, छोड़ दो अपने आदमी हैं’’
‘‘ सर! ये तो अवैध शराब की सात भट्टियों को चलाते हैं और इस क्षेत्र में अवैध शराब बनाकर पूरे एरिया में सप्लाई करते हैं’’
‘‘ अरे झूठ है सब, छोड़ दो, हम बोल रहे हैं’’
‘‘ लेकिन भैया! वो एस पी साहब नये आये हैं न, उन्हीं के दल ने रेड की थी, हम क्या कर सकते हैं, जरा उन्हीं से बात कर लेते तो.... .... ’’
‘‘ ए! लगा रे, एसपी खों फोन लगा!’’
‘‘ हाॅं, एस पी साब! मैं इस क्षेत्र का विधायक बोल रहा हॅूं, आपने भूरा और हीरा नाम के दो लोगों को पकड़ लिया है, वह अपने आदमी हैं, उन्हें किसी ने झूठा फंसा दिया है, थानेदार से बोलकर उन्हें छुड़वा दो’’
‘‘ लेकिन विधायक जी! मेरी पोस्टिंग इस जिले में करते समय माननीय गृहमंत्री जी ने यही कहा था कि इस क्षेत्र से शराब का अवैध धंधा बंद होना चाहिये’’
‘‘ अच्छा! वो तो मैं ने ही मंत्री जी को कह रखा था कि मेरे क्षेत्र में अवैध षराब की सत्ताइस भट्टियाॅं चलती हैं, उन्हें बंद कराओ।श्
‘‘ ठीक है विधायक जी! बाकी बीस को भी जल्दी ही कब्जे में लेता हॅूं।’’
‘‘लेकिन मेरे आदमी तो छोड़ दो? कहो तो मंत्री जी से कह दें? उनकी बात तो मानोगे?, ठहरो अभी कहता हॅूं ।’’
‘‘ प्रणाम, माननीय मंत्री जी! ये किस एसपी को हमारे एरिया में भेज दिया माननीय! सब धंधा चैपट हो गया, लगता है अब आप के राज्य में हम भी चैन से न रह पायेंगे ’’
‘‘ क्या बात है विधायक जी, इतने परेशान तो कभी नहीं रहे, बताओ क्या हुआ है,’’
‘‘ अरे! वो जो नये एसपी को हमारे क्षेत्र में आपने भेजा है उसने सब कुछ बंटाढार कर दिया है, हमारे आदमियों को पकड़ कर धंधा ही खत्म कर दिया है, उसे आज ही हटा दो, किसी अपने आदमी को भेजो , कहाॅं कहाॅं के अकड़ू मिल जाते हैं आपको भी?’’
‘‘ ठीक है विधायक जी! चिंता न करो, वो भी अपने ही आदमी हैं अभी बोलता हॅूं, सब ठीक हो जायेगा।’’
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